Google Ki New Storage Policy: Google ने यूजर्स को दिया बड़ा झटका, अब फ्री स्टोरेज के लिए करना होगा ये जरूरी काम!

Google Ki New Storage Policy: क्या आप भी नया Gmail अकाउंट बनाने की सोच रहे हैं? तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। लंबे समय से गूगल अपने यूजर्स को 15GB की शानदार फ्री क्लाउड स्टोरेज देता आ रहा था, जिसकी वजह से वह ऐपल जैसी कंपनियों पर भारी पड़ता था। लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि यह आसानी धीरे-धीरे खत्म होने वाली है। गूगल ने चुपचाप अपनी स्टोरेज पॉलिसी में एक ऐसा बदलाव किया है, जिसने सभी को हैरान कर दिया है। अब जब भी आप कोई नया गूगल अकाउंट बनाएंगे, तो आपको डिफ़ॉल्ट रूप से 15GB नहीं, बल्कि सिर्फ मात्र 5GB फ्री स्टोरेज ही मिलेगी।

Google Ki New Storage Policy: Google ने यूजर्स को दिया बड़ा झटका, अब फ्री स्टोरेज के लिए करना होगा ये जरूरी काम!

क्यों उठाया गया यह बड़ा कदम?

गूगल का साफ कहना है कि यह कदम आपकी सुरक्षा और फर्जी अकाउंट्स को रोकने के लिए उठाया गया है। कंपनी का मानना है कि कई बार ऑटोमेटेड बॉट्स और स्पैमर नए-नए अकाउंट बनाकर फ्री स्टोरेज का गलत इस्तेमाल करते हैं। इससे न सिर्फ कंपनी के इंफ्रास्ट्रक्चर पर दबाव बढ़ता है, बल्कि असली यूजर्स की डेटा सिक्योरिटी को भी खतरा होता है। इसके अलावा, दुनियाभर में क्लाउड स्टोरेज और मेमोरी चिप्स की बढ़ती लागत भी इस फैसले की एक बड़ी वजह मानी जा रही है।

कैसे पाएं पूरी 15GB स्टोरेज?

अब आपके मन में सवाल होगा कि बाकी की 10GB स्टोरेज का क्या होगा? गूगल ने इसके लिए एक सिंपल सा रास्ता निकाला है। अगर आप अपना मोबाइल नंबर वेरिफाई करवाते हैं, तो आपको बिना किसी अतिरिक्त खर्च के पूरी 15GB स्टोरेज मिल जाएगी। यह स्टोरेज आपके Gmail, Google Drive और Google Photos में शेयर्ड रहेगी। इसका सीधा मतलब यह है कि गूगल अब ‘एक व्यक्ति, एक अकाउंट’ की पॉलिसी पर सख्ती से काम करना चाहता है ताकि एक ही शख्स बार-बार फ्री स्टोरेज का फायदा न उठा सके।

पुराने यूजर्स पर क्या होगा असर?

अगर आपका गूगल अकाउंट पुराना है और आपको पहले से 15GB स्टोरेज मिल रही है, तो आपको घबराने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। यह नई पॉलिसी फिलहाल सिर्फ उन नए यूजर्स पर लागू हो रही है, जो अभी अपना अकाउंट बना रहे हैं। आपकी स्टोरेज और पुरानी सुविधाएं पहले की तरह बरकरार रहेंगी। हालांकि, गूगल का यह कदम उन लोगों को जरूर परेशान कर सकता है जो अपना पर्सनल मोबाइल नंबर ऑनलाइन पोर्टल पर शेयर करने से बचते हैं।

यह बदलाव अभी टेस्टिंग फेज में है और रेडिट पर कुछ यूजर्स ने इसके स्क्रीनशॉट्स शेयर किए हैं। ऐसे में अगर आपको नोटिफिकेशन दिखे तो समझ जाइए कि गूगल की नई पॉलिसी आप तक पहुंच गई है। गूगल का यह कदम सिक्योरिटी के लिहाज से भले ही सही हो, लेकिन क्या यह यूजर्स के लिए सहूलियत भरा है, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।

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